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my manali tour

this is the scene of rohtangpas darra of manali
i was there before two year but still this picture make me remember
thet moment as well as i am still there only

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इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।

यह सत्य-सनातन-धर्म-रीति, वैखरी-वाक् वर्णनातीत विधि के हाँथों में पली-बढ़ी, विस्तारित इसकी राजनीति इसके ही पूर्वज सूर्य-चन्द्र-नक्षत्र-लोक-पृथ्वीमाता इसकी रक्षा हित बार-बार नारायण नर बन कर आता कितना उज्ज्वल इतिहास तुम्हारा बात न यह बिसराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू समाज ने गुरु बनकर फैलाया जग में उजियारा निष्‍कारण किया न रक्तपात पर दुश्‍मन दौड़ाकर मारा मानव को पशु से अलग बना इसने मर्यादा में ढाला इतिहास गढ़ा सुन्दर,रच डाली पावन वेद-ग्रन्थमाला पाणिनि बनकर व्याकरण दिया,चाणक्यनीति भी समझाया बन कालिदास,भवभूति,भास साहित्य-मूल्य भी बतलाया जीवन के उच्चादर्शों का अब फिर से ज्ञान कराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू ने इस समाज को जाने कितने सुन्दर रत्न दिये पर हा ! कृतघ्न संसार ! नष्‍ट हो हिन्दू सतत प्रयत्न किये मासूम रहा हिन्दू समाज कसते इन छद्म शिकंजों से कर सका नहीं अपनी रक्षा घर में बैठे जयचन्दों से हिन्दू ने जब हिन्दू के ही घर को तोड़ा भ्रम में आकर मुगलांग्लों ने सत्ता छीनी हमको आपस में लड़वाकर घर के भेदी इन जयचन्दों को अब यमपुर पहुँचाओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
काँपती धरा-दिग्पाल-गगन जब हिन्…

बिन्‍दु जी के दुर्लभ भजन ।।

यह कवि श्री गोस्‍वामी बिन्‍दु जी के दुर्लभ भजनों में से एक है जिसे कवि श्री आर्त ने गाया है  ।
सुनिये और आनन्‍द लीजिये  ।।


हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा - हिन्‍दी दिवस विशेष काव्‍य

हिन्‍दू का बुलन्‍द हो नारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा 

हिन्‍दु-धर्म इतिहास पुराना
कौन भला इससे अनजाना 
प्रेम-धर्म का ताना-बाना 
सुरमय जीवन-गीत सुहाना 
अमृतमय जीवन-रस-धारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

हिन्‍दीरग-रग बसे हिन्‍दु के 
तन्‍तु गुथे ज्‍यूँ माला मनके 
जैसे मद मतंग का नाता 
अलग नहीं जैसे हरि-हर से 
इक दूजे का सबल सहारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

हिन्‍दुस्‍थानस्‍वर्ग से सुन्‍दर 
जन्‍मकाम विधि-बिबुध व हरि-हर 
इसकी मिट्टी की खुशबू है 
पारिजात-पुष्‍पों से बढकर 
हर हिन्‍दू का प्राणों प्यारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान-हिन्‍दुहै 
भारत की पहचान हिन्‍दु है 
जीवन का अरमान हिन्‍दु है 
पर-हित पर बलिदान हिन्‍दु है 
हिन्‍दू चिर 'आनन्‍द' हमारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

 हिन्‍दी दिवस की पावन शुभकामनाओं के साथ 

भवदीय - विवेकानन्‍द पाण्‍डेय (आनन्‍द)