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भारत माता की जय |
फिर देश महाचीत्कार कर उठा, मोदी मोदी मोदी ।।
सन् 47 से हमने सत्ता कांगरेस के हाँथ दिया ।
पर भ्रष्ट कांगरेसी नेताओं ने जनता को भुला दिया ।
हम आस लगाये बैठ रहे अब-अब ये देश सम्हालेंगे ।
क्या पता हमें ये धीरे-धीरे भारत माँ को खा लेंगे ।
धर वेश साधु का शतधा देश लूटने आये ढोगी ।।
फिर आर्तनाद कर उठा देश अब मोदी मोदी मोदी ।।
इतिहास बदल डाला गाँधी को राष्ट्रपिता कर डाला ।
पर पडी नहीं शेखर, सुभाष के गले एक भी माला ।
हर नोट आज गाँधी है भइया मायाजाल बडा है ।
भारत में महापुरुष वीरों का आज अकाल पडा है ।
हमको आजाद कराने को जिनने निज निजता खो दी ।।
उनके हित देश पुकार उठा है मोदी मोदी मोदी ।।
यदि भारत को फिर से दुनिया का गुरू बनाना है ।
यदि वीर शहीदों के हक का सम्मान दिलाना है ।
यदि गो, गंगा, गीता की इज्जत हमें बचाना है ।
तो सच मानो मोदी को सत्ता में पहुँचाना है ।
फिर भाग छुपें आतंकी खुद ही अपनी माँ की गोदी ।।
"आनन्द" सरे बाजार कह उठा मोदी मोदी मोदी ।।
अब खुजलीवाल करे खुजली या राहुल रार मचाये ।
हिम्मत है तो कश्मीर हिन्द से अलग करके दिखलाये ।
यदि शस्त्र उठाया तो जाने कितनों के मुण्ड कटेंगे ।
दौडा-दौडा कर मारेंगे पाकिस्तां तक रपटेंगे ।
भारत हुंकार उठा अब छण में होंगे नष्ट विरोधी ।।
अब होगा पूर्ण स्वराज हमारे प्रतिनिधि होंगे मोदी ।।
भाग छुपें आतंकी खुद ही अपनी माँ की गोदी
ردحذفदेश पुकार उठा है मोदी मोदी मोदी ..
"आनन्द" सरे बाजार कह उठा मोदी मोदी मोदी
बहुत खूब!
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ردحذفYe rashtra k liye hi to likha hai..
ردحذفबहुत ही अच्छी कविता ह जगत जी
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