चाहने वालों से तो पत्थर भी पिघल रहे हैं ।।- गजल
तुम हो अनजान के हम तुमसे प्यार कर रहे हैं मौत क्या मारेगी हम जिंदगी से मर रह…
तुम हो अनजान के हम तुमसे प्यार कर रहे हैं मौत क्या मारेगी हम जिंदगी से मर रह…
वो जो कि प्यार की बातें बघारा करते हैं वही दुर्दिन पडे पहले किनारा करते हैं ।…
मेरी ये रचना उन सभी के दिलों को हिलाकर रख देगी जिन्होने कभी किसी से प्य…
आज सुबह-सुबह मेरे मस्तिष्क में चंद पंक्तियाँ उठीं और मैनें उन्हे काव्य का रू…
देश तो बस नेताओं का है ।। राजनीति की पंकिल धारा, मध्य फंसा ये देश हमारा …
हर गजल की तरह ही मेरी यह गजल भी उसी एक शक्स को समर्पित है जिसके लिये मैने…
मेरी इस रचना की अजीब बात सिर्फ ये है कि इसे लिखा तो गजल के अन्दाज में है पर …
कितनी अजीब सी बात है। कहते हैं कि काव्य कवि के हृदय से निकलता है।…
मेरी इस कविता में कुछ विशेष बातें हैं जो इसे बहुत खास न होते हुए भी खास ब…
मैने ये गजल उस समय लिखी थी जब कि मैं बडे ही मानसिक दुविधा में रहा करता था। कदाच…
देश के अमर सपूतों की श्रद्धांजलि में अर्पित ये काव्य सुमन मेंरे हृदय का उद्गा…
कहने की जरूरत नहीं है कि अपनी इस रचना में मैं क्या कहना चाहता हूं। पढकर आप…
ब्लाग जगत के सभी ज्येष्ठ ब्लागर्स को मेरी तरफ से अभिनन्दन के …
हर ग़ज़ल कुछ कहती है ये ग़ज़ल मैंने तब लिखी थी जब मै शायद ग़ज़ल का मतलब भी नही…