सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संस्‍कृत सीखने के कुछ लिंक्‍स , हमारीवाणी के दोस्‍तों के लिये ।


दोस्‍तों पिछले कुछ दिनों से ब्‍लागजगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍याओं का आयोजन किया जा रहा है जहाँ आप सब आसानी से संस्‍कृत बोलना और लिखना सीख सकते हैं । अब तक ब्‍लागवाणी था जो आपको इन कक्ष्‍याओं तक आसानी से पहुँचा देता था पर ब्‍लागवाणी के चले जाने के बाद इन कक्ष्‍याओं का लाभ बहुत सीमित लोगों को मिल पाता था । किन्‍तु हमारीवाणी के आ जाने से अब वह कमी पूरी हो गयी है । अब आप आसानी से इन कक्ष्‍याओं तक पहुँच सकेंगे ।

यहॉं मैं पूर्वतन पाठ्य बिन्‍दु‍ओं का लिंक दे रहा हूँ जिसपर बलाघात करके आप इन कक्ष्‍याओं का लाभ ले सकेंगे ।

संस्कृतप्रशिक्षणकक्ष्‍या- प्रथम: अभ्‍यास: ।।

 
।। संस्‍कृत-प्रशिक्षणकक्ष्‍या - द्वितीयः अभ्‍यास: ।।

संस्‍कृतप्रशिक्षणकक्ष्‍या - तृतीय: अभ्‍यास:


शब्‍दकोष:


संस्‍कृतप्रशिक्षणकक्ष्‍या - चतुर्थ अध्‍याय:।।


संस्‍कृतप्रशिक्षणकक्ष्‍या - पंचम: अभ्‍यास:

पंचम अभ्‍यास से पाठ्यक्रम विशिष्‍ट होंगे अत: शीघ्र संस्कृत सीखने के लिये पंचम अभ्‍यास से पूरे मनोयोग से पठन व लेखन प्रारम्‍भ करें ।
धन्‍यवाद

टिप्पणियाँ

  1. संस्कृत सीखने के लिए अच्छे links दिए है आपने, इसके लिए साधुवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. संस्कृत सीखने के लिए अच्छे links दिए है आपने, इसके लिए साधुवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  3. हमारीवाणी का लोगो अपने ब्लाग पर लगाकर अपनी पोस्ट हमारीवाणी पर तुरंत प्रदर्शित करें

    हमारीवाणी एक निश्चित समय के अंतराल पर ब्लाग की फीड के द्वारा पुरानी पोस्ट का नवीनीकरण तथा नई पोस्ट प्रदर्शित करता रहता है. परन्तु इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है. हमारीवाणी में आपका ब्लाग शामिल है तो आप स्वयं हमारीवाणी पर अपनी ब्लागपोस्ट तुरन्त प्रदर्शित कर सकते हैं.

    इसके लिये आपको नीचे दिए गए लिंक पर जा कर दिया गया कोड अपने ब्लॉग पर लगाना होगा. इसके उपरांत आपके ब्लॉग पर हमारीवाणी का लोगो दिखाई देने लगेगा, जैसे ही आप लोगो पर चटका (click) लगाएंगे, वैसे ही आपके ब्लॉग की फीड हमारीवाणी पर अपडेट हो जाएगी.


    कोड के लिए यंहा क्लिक करे

    उत्तर देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।

यह सत्य-सनातन-धर्म-रीति, वैखरी-वाक् वर्णनातीत विधि के हाँथों में पली-बढ़ी, विस्तारित इसकी राजनीति इसके ही पूर्वज सूर्य-चन्द्र-नक्षत्र-लोक-पृथ्वीमाता इसकी रक्षा हित बार-बार नारायण नर बन कर आता कितना उज्ज्वल इतिहास तुम्हारा बात न यह बिसराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू समाज ने गुरु बनकर फैलाया जग में उजियारा निष्‍कारण किया न रक्तपात पर दुश्‍मन दौड़ाकर मारा मानव को पशु से अलग बना इसने मर्यादा में ढाला इतिहास गढ़ा सुन्दर,रच डाली पावन वेद-ग्रन्थमाला पाणिनि बनकर व्याकरण दिया,चाणक्यनीति भी समझाया बन कालिदास,भवभूति,भास साहित्य-मूल्य भी बतलाया जीवन के उच्चादर्शों का अब फिर से ज्ञान कराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू ने इस समाज को जाने कितने सुन्दर रत्न दिये पर हा ! कृतघ्न संसार ! नष्‍ट हो हिन्दू सतत प्रयत्न किये मासूम रहा हिन्दू समाज कसते इन छद्म शिकंजों से कर सका नहीं अपनी रक्षा घर में बैठे जयचन्दों से हिन्दू ने जब हिन्दू के ही घर को तोड़ा भ्रम में आकर मुगलांग्लों ने सत्ता छीनी हमको आपस में लड़वाकर घर के भेदी इन जयचन्दों को अब यमपुर पहुँचाओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
काँपती धरा-दिग्पाल-गगन जब हिन्…

बिन्‍दु जी के दुर्लभ भजन ।।

यह कवि श्री गोस्‍वामी बिन्‍दु जी के दुर्लभ भजनों में से एक है जिसे कवि श्री आर्त ने गाया है  ।
सुनिये और आनन्‍द लीजिये  ।।


हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा - हिन्‍दी दिवस विशेष काव्‍य

हिन्‍दू का बुलन्‍द हो नारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा 

हिन्‍दु-धर्म इतिहास पुराना
कौन भला इससे अनजाना 
प्रेम-धर्म का ताना-बाना 
सुरमय जीवन-गीत सुहाना 
अमृतमय जीवन-रस-धारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

हिन्‍दीरग-रग बसे हिन्‍दु के 
तन्‍तु गुथे ज्‍यूँ माला मनके 
जैसे मद मतंग का नाता 
अलग नहीं जैसे हरि-हर से 
इक दूजे का सबल सहारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

हिन्‍दुस्‍थानस्‍वर्ग से सुन्‍दर 
जन्‍मकाम विधि-बिबुध व हरि-हर 
इसकी मिट्टी की खुशबू है 
पारिजात-पुष्‍पों से बढकर 
हर हिन्‍दू का प्राणों प्यारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान-हिन्‍दुहै 
भारत की पहचान हिन्‍दु है 
जीवन का अरमान हिन्‍दु है 
पर-हित पर बलिदान हिन्‍दु है 
हिन्‍दू चिर 'आनन्‍द' हमारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

 हिन्‍दी दिवस की पावन शुभकामनाओं के साथ 

भवदीय - विवेकानन्‍द पाण्‍डेय (आनन्‍द)