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कवि श्री अनिरूद्धमुनि पाण्‍डेय 'आर्त' कृत श्री हनुमत् विनय कुंज ।। डाउनलोड करें ।।



बन्‍धुओं आज आपके सामने एक ऐसी चीज प्रस्‍तुत करने जा रहा हूँ जो अति उत्‍कृष्‍ट है और आप के दैनिक प्रयोग में आ सकेगी ।
कवि श्री अनिरूद्धमुनि पाण्‍डेय 'आर्त' कृत श्रीहनुमत् विनयकुंज नामक ये लघु काव्‍य बिलकुल हनुमान चालिसा की तरह दैनिक पूजा में प्रयोज्‍य है । फैजाबाद शहर के स्‍तर पर यह पुस्‍तक प्राय: उपलब्‍ध है किन्‍तु विषय की उपयोगिता और उत्‍तम साहित्‍य देखकर मैने इसे आप विद्वद्जनों के सामने प्रस्‍तुत करने का निर्णय लिया ।।

आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्‍वास है कि ये आपको अति प्रिय लगेगा ।


टिप्पणियाँ

  1. बहुत दिनों से इसे प्राप्त करने की इच्छा बनी हुयी थी. लेकिन आपके द्वारा यह मेने आज डाउनलोड कर ली है. आपका बहुत बहुत धनवाद...

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हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।

यह सत्य-सनातन-धर्म-रीति, वैखरी-वाक् वर्णनातीत विधि के हाँथों में पली-बढ़ी, विस्तारित इसकी राजनीति इसके ही पूर्वज सूर्य-चन्द्र-नक्षत्र-लोक-पृथ्वीमाता इसकी रक्षा हित बार-बार नारायण नर बन कर आता कितना उज्ज्वल इतिहास तुम्हारा बात न यह बिसराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू समाज ने गुरु बनकर फैलाया जग में उजियारा निष्‍कारण किया न रक्तपात पर दुश्‍मन दौड़ाकर मारा मानव को पशु से अलग बना इसने मर्यादा में ढाला इतिहास गढ़ा सुन्दर,रच डाली पावन वेद-ग्रन्थमाला पाणिनि बनकर व्याकरण दिया,चाणक्यनीति भी समझाया बन कालिदास,भवभूति,भास साहित्य-मूल्य भी बतलाया जीवन के उच्चादर्शों का अब फिर से ज्ञान कराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू ने इस समाज को जाने कितने सुन्दर रत्न दिये पर हा ! कृतघ्न संसार ! नष्‍ट हो हिन्दू सतत प्रयत्न किये मासूम रहा हिन्दू समाज कसते इन छद्म शिकंजों से कर सका नहीं अपनी रक्षा घर में बैठे जयचन्दों से हिन्दू ने जब हिन्दू के ही घर को तोड़ा भ्रम में आकर मुगलांग्लों ने सत्ता छीनी हमको आपस में लड़वाकर घर के भेदी इन जयचन्दों को अब यमपुर पहुँचाओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
काँपती धरा-दिग्पाल-गगन जब हिन्…

बिन्‍दु जी के दुर्लभ भजन ।।

यह कवि श्री गोस्‍वामी बिन्‍दु जी के दुर्लभ भजनों में से एक है जिसे कवि श्री आर्त ने गाया है  ।
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हिन्‍दू का बुलन्‍द हो नारा 
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हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

हिन्‍दुस्‍थानस्‍वर्ग से सुन्‍दर 
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हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

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हिन्‍दू चिर 'आनन्‍द' हमारा 
हिन्‍दी-हिन्‍दुस्‍थान हमारा

 हिन्‍दी दिवस की पावन शुभकामनाओं के साथ 

भवदीय - विवेकानन्‍द पाण्‍डेय (आनन्‍द)