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भारत रक्षक


आजादी की लड़ाई के  महानायक जिन्होंने राष्ट्र की सोती हुई आत्मा को जगाने मात्र के लिए अपने प्राणों को आहुत कर दिया उन पूज्यनीय देशभक्त श्री भगत सिंह जी, राजगुरु जी और सुखदेव जी के बलिदान दिवस के अवसर पर मै अपने आसुओं के दो फूल अर्पित करता हूँ..
आज जाने क्यूँ मन करता है की काश हम इतने कृतज्ञ होते कि उनके बलिदान का महत्व  समझते
आज जिस तरह से लोग उनके बलिदानों पर भी राजनीति कर लेते हैं , डर लगता है की भारत कहीं फिर गुलाम ना हो जाये
और अगर ऐसा हुआ तो इस बार फिर कोई भगत सिंह बलिदान देने सामने नहीं आएगा

प्रिय भारतवासी मित्रों
निकलो संकीर्ण मानसिकता के दलदल से
हमें एकजुट होने की जरूरत है
ऐसा ना हो की हम तब जागें जब काल के दांत हमें चबा जाने को उद्यत हों

उपनिषद कहते हैं - उत्तिष्ठत  जाग्रत , प्राप्य वरान्निबोधत
वन्दे मातरम

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हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।

यह सत्य-सनातन-धर्म-रीति, वैखरी-वाक् वर्णनातीत विधि के हाँथों में पली-बढ़ी, विस्तारित इसकी राजनीति इसके ही पूर्वज सूर्य-चन्द्र-नक्षत्र-लोक-पृथ्वीमाता इसकी रक्षा हित बार-बार नारायण नर बन कर आता कितना उज्ज्वल इतिहास तुम्हारा बात न यह बिसराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू समाज ने गुरु बनकर फैलाया जग में उजियारा निष्‍कारण किया न रक्तपात पर दुश्‍मन दौड़ाकर मारा मानव को पशु से अलग बना इसने मर्यादा में ढाला इतिहास गढ़ा सुन्दर,रच डाली पावन वेद-ग्रन्थमाला पाणिनि बनकर व्याकरण दिया,चाणक्यनीति भी समझाया बन कालिदास,भवभूति,भास साहित्य-मूल्य भी बतलाया जीवन के उच्चादर्शों का अब फिर से ज्ञान कराओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
हिन्दू ने इस समाज को जाने कितने सुन्दर रत्न दिये पर हा ! कृतघ्न संसार ! नष्‍ट हो हिन्दू सतत प्रयत्न किये मासूम रहा हिन्दू समाज कसते इन छद्म शिकंजों से कर सका नहीं अपनी रक्षा घर में बैठे जयचन्दों से हिन्दू ने जब हिन्दू के ही घर को तोड़ा भ्रम में आकर मुगलांग्लों ने सत्ता छीनी हमको आपस में लड़वाकर घर के भेदी इन जयचन्दों को अब यमपुर पहुँचाओ ।। हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।
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